कौन हो तुम
मेरे अनकहे प्रश्नों का जवाब
सुकून भरी नींद या सुनहरा ख्वाब
कौन हो तुम ?
थकन की दवा हो
या मज़ार की दुआ
जाड़े की गुनगुनी धूप हो
या सर्द की सुबह में आग का धुआं
कौन हो तुम ?
भौरों की गुनुनाहट हो
या फूलों की ताज़गी
जीते -जी मेरी मौत का कारण हो
या फिर मेरी ज़िन्दगी
कौन हो तुम ?
कुछ प्रश्न उलझे से हैं
छोड़ों न प्रश्नों में क्या रखा है
चलो , गले में बाहें डालो
मुझे देखो, प्यार करो
प्रश्न अपने आप सुलझ जायेंगे !
जरुरी नहीं है हर बार प्रश्नों का सुलझना
कुछ प्रश्न वैसे उलझे ही अच्छे लगते हैं
जैसे सावन की बारिश में भीगने के बाद तुम्हारे घने लट !
(अवनीश )
मेरे अनकहे प्रश्नों का जवाब
सुकून भरी नींद या सुनहरा ख्वाब
कौन हो तुम ?
थकन की दवा हो
या मज़ार की दुआ
जाड़े की गुनगुनी धूप हो
या सर्द की सुबह में आग का धुआं
कौन हो तुम ?
भौरों की गुनुनाहट हो
या फूलों की ताज़गी
जीते -जी मेरी मौत का कारण हो
या फिर मेरी ज़िन्दगी
कौन हो तुम ?
कुछ प्रश्न उलझे से हैं
छोड़ों न प्रश्नों में क्या रखा है
चलो , गले में बाहें डालो
मुझे देखो, प्यार करो
प्रश्न अपने आप सुलझ जायेंगे !
जरुरी नहीं है हर बार प्रश्नों का सुलझना
कुछ प्रश्न वैसे उलझे ही अच्छे लगते हैं
जैसे सावन की बारिश में भीगने के बाद तुम्हारे घने लट !
(अवनीश )