Sunday, 18 November 2012

बहुत दिनों बाद आज घर से वपिस चेन्नई लौटा और facebook  and BLOG पे भी, मन थोड़ा भी नहीं लग रहा है ! घर की तमाम यादें , परिवार और दोस्तों के साथ बिताये हुए लम्हात जहाँ मानस पटल पर अभी भी तैर रहे हैं वहीं एक बार फिर से वही प्यारे Roommates ,दोस्तों को देखकर अच्छा भी लग रहा है और मन में थोड़ी सी राहत भी है -
कोयल बोले या गौरैया अच्छा लगता है
आपने शहर में भैया सब कुछ अच्छा लगता है !

No comments:

Post a Comment