बहुत दिनों बाद आज घर से वपिस चेन्नई लौटा और
facebook and BLOG पे भी, मन थोड़ा भी नहीं लग रहा है ! घर की तमाम यादें , परिवार
और दोस्तों के साथ बिताये हुए लम्हात जहाँ मानस पटल पर अभी भी तैर रहे हैं
वहीं एक बार फिर से वही प्यारे Roommates ,दोस्तों को देखकर अच्छा भी लग
रहा है और मन में थोड़ी सी राहत भी है -
कोयल बोले या गौरैया अच्छा लगता है
आपने शहर में भैया सब कुछ अच्छा लगता है !
कोयल बोले या गौरैया अच्छा लगता है
आपने शहर में भैया सब कुछ अच्छा लगता है !
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