Saturday, 13 October 2012

इस देश में मैं जैसा की मानता हूँ सिर्फ दो समस्याएं जेहनी तौर पे हैं - (1)या तो हम किसी भी आदमी को पूरी तरह साफ़ सुथरा , जिम्मेवार और भगवान की शक्ल में देखना चाहते हैं   (2)   या तो हम किसी भी भ्रष्ट , चरित्रहीन आदमी से उसकी तुलना करने लगते हैं और ये कहने लगते हैं की अगर पहले वाले आदमी में सारी खूबियाँ एक साथ नहीं है तो वो भी हमारी पसंद का नहीं है !
आज देश में भी कुछ ऐसा ही माहौल है  - एक तरफ भ्रष्ट व्यवस्था और उसे  चलाने वाले भ्रष्ट लोग हैं तो दूसरी तरफ एक वो आदमी जो इस भ्रष्ट  व्यवस्था और भ्रष्ट लोगों के खिलाफ आन्दोलन चलाये हुए है ! अब हमारी सोच ये कहती है है ये आदमी इस भ्रष्ट  व्यवस्था और भ्रष्ट लोगों के खिलाफ इस लिए है की वो भी बाद में इसी भ्रष्ट  व्यवस्था का हिस्सा बनना चाहता है ! अरे भाई बाद की बाद में देख लेंगे , पहले अभी का तो सोच लो ! धरती , आकाश , पाताल सब लुट रहा है और तुम फरिस्ता खोजते हो जो आये और   100  %    शुद्ध आत्मा के साथ  64 -65   सालों का पूरा कूड़ा एक साथ साफ़ कर दे ! मुझे नहीं पता की केजरीवाल और सिसोदिया के मन में कितना पाप है और सता पाकर वो भी कितना लूटना चाहते हैं इस देश को पर इतना जरुर कहूँगा  की  उनका मन कम से कम इन चोरों और संवेदनहीन लोगों से जो विकलागों का भी पैसा डकारने में एक पल नहीं सोचतें , उनसे तो साफ़ ही है !

वतन  की  फिकर  कर  नादान  मुसीबत  आने  वाली  है
तेरी  बरबादियों  के  मशवरे  हैं  आसमानों  में

न  समझोगे  तो  मिट  जाओगे  हिन्दुस्तान  वालों
तुम्हारी  दास्ताँ तक  भी  न  होगी  दास्तानों  में !
(इक़बाल साहब ने बहुत पहले ये कहा था पर आज मैं आपको याद दिलाता हूँ और ये सच है ! आपका अवनीश )

Monday, 8 October 2012

जब मैं या आप सभी पांचवी , छठी क्लास में पढ़ते थे , तब परीक्षा में प्रश्नपत्र में सबसे ऊपर लिखा होता था : सभी प्रश्नों के उतर देना अनिवार्य (जरुरी )है ! मुझे लगता है आज राजनीती में जितने भी लोग हैं (चाहे भाजपा वाले हों या कांग्रेस , बी.एस. पी., सपा आदि ) ये सारे जब पढ़ते थें तब शायद इनके लिए ऐसा होता होगा  की किसी भी प्रश्नों के उतर देना  जरुरी नहीं है ! (१)कर्नाटक में अवैध खनन क्यूँ हुआ (२)सोनिया जी कितनी बार और किसके खर्चे पे किस हैसियत से विदेश गईं (३) राष्ट्रीय जामाता या दामाद को  SPG  PROTECTION  SARKARI BUNGLOW क्यूँ मिली है जब वो किसी भी सरकारी पद पे नहीं हैं  (४) रॉबर्ट वाड्रा के पास ऐसी कौन सी तकनीक है जो 50    लाख को  300  करोड़ में बदल देती है और अगर है तो आर्थिक संकट के इस दौर में भारत के भलाई के लिए लोगों को क्यूँ नहीं बतातें !  (५) अगर अरविन्द केजरीवाल , किरण बेदी , कुमार विश्वास की जांच हो सकती है तो वाड्रा साहब की क्यूँ नहीं हो सकती !

दिमाग मत लगाइए आप लोग , क्यूंकि मैंने पहले ही कह दिया है सोनिया , येदुरापा , सलमान खुर्शीद , राशिद अल्वी  आदि सारे लोग जब पढ़ते थें तब टीचर ने इनको पहले ही बता दिया था की बेटा आप लोगों को इस    Banana  republic  में   इन मैंगो पीपल (आम जनता )  के  किसी भी सवाल के जवाब देने की जरुरत नहीं है ! केजरीवाल जी के लिए एक शायरी मेरे वंश के बड़े शायर मुन्नवर राना साहब की तरफ से
"कौन सी बात कहाँ , कैसे और कब कही जाती है
अगर ये सलीका हो तो हर बात सुनी जाती है !
(जवाब जरुर दीजियेगा , आपका अवनीश !)

Friday, 5 October 2012

robert vadra : National son-in-law

आप लोग खामोश क्यूँ बैठे हुए हैं , घरों से बाहर आइये लाठी डंडे के साथ और पीट डालिए , अरविन्द केजरीवाल , मनीष सिसोदिया और तमाम लोगों को ! अरे भाई कोई छोटी मोटी बात थोड़े ही हुई है , हमारे राष्ट्रीय दामाद के ऊपर उंगली उठाई नहीं बल्कि की गई है ! नहीं छोड़ेंगे इनको , ये क्या मजाक समझ रखा है , राजमाता के परिवार के ऊपर ऐसी वैसी बातें बोलते रहते हैं ! आज रात भर नींद नहीं आएगी दिग्विजय सिंह , सलमान खुर्शीद , महामौन सिंह  और हो सकता है अपने राष्ट्रपति जो को भी ! गडकरी साहब से लेकर आडवानी जी भी अपने पुत्र , पुत्रवधू , बेटी दामाद सबको फ़ोन करके बता रहे होंगे भाई गड़बड़ करो पर थोडा सतर्क हो कर ! मेरा कवि मन ऐसी  स्थितियों को देखकर  चार पंक्तियाँ लिख डालता है , इन नेताओं की बेबसी और बेचारगी पर -
"दिग्विजय सिंह के चेहरे का रंग सर्द होने लगा
ऐसा लगता है सोनिया जी को सर दर्द होने  लगा ,
रात सपने में बडबडा उठे मनमोहन जी ,
यार गुरशरण (उनकी माननीय पत्नी )ऐसी सियासत क्यूँ की मैंने
चोरी माता ने की और दामन मेरा  गर्द गर्द होने लगा !
(आपका अवनीश )