Monday, 8 October 2012

जब मैं या आप सभी पांचवी , छठी क्लास में पढ़ते थे , तब परीक्षा में प्रश्नपत्र में सबसे ऊपर लिखा होता था : सभी प्रश्नों के उतर देना अनिवार्य (जरुरी )है ! मुझे लगता है आज राजनीती में जितने भी लोग हैं (चाहे भाजपा वाले हों या कांग्रेस , बी.एस. पी., सपा आदि ) ये सारे जब पढ़ते थें तब शायद इनके लिए ऐसा होता होगा  की किसी भी प्रश्नों के उतर देना  जरुरी नहीं है ! (१)कर्नाटक में अवैध खनन क्यूँ हुआ (२)सोनिया जी कितनी बार और किसके खर्चे पे किस हैसियत से विदेश गईं (३) राष्ट्रीय जामाता या दामाद को  SPG  PROTECTION  SARKARI BUNGLOW क्यूँ मिली है जब वो किसी भी सरकारी पद पे नहीं हैं  (४) रॉबर्ट वाड्रा के पास ऐसी कौन सी तकनीक है जो 50    लाख को  300  करोड़ में बदल देती है और अगर है तो आर्थिक संकट के इस दौर में भारत के भलाई के लिए लोगों को क्यूँ नहीं बतातें !  (५) अगर अरविन्द केजरीवाल , किरण बेदी , कुमार विश्वास की जांच हो सकती है तो वाड्रा साहब की क्यूँ नहीं हो सकती !

दिमाग मत लगाइए आप लोग , क्यूंकि मैंने पहले ही कह दिया है सोनिया , येदुरापा , सलमान खुर्शीद , राशिद अल्वी  आदि सारे लोग जब पढ़ते थें तब टीचर ने इनको पहले ही बता दिया था की बेटा आप लोगों को इस    Banana  republic  में   इन मैंगो पीपल (आम जनता )  के  किसी भी सवाल के जवाब देने की जरुरत नहीं है ! केजरीवाल जी के लिए एक शायरी मेरे वंश के बड़े शायर मुन्नवर राना साहब की तरफ से
"कौन सी बात कहाँ , कैसे और कब कही जाती है
अगर ये सलीका हो तो हर बात सुनी जाती है !
(जवाब जरुर दीजियेगा , आपका अवनीश !)

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