तीन
राष्ट्रीय पर्वों के साथ साथ देश के एक और सबसे महत्वपूर्ण पर्व "हिंदी
दिवस" की आप सबों को हार्दिक शुभकामनाएं ! दुनियां का प्यारा से प्यारा
रिश्ता चाहे आपको कितना भी प्यार दे दे या कितनी भी बुलंदी पर आपको ले जाये
पर जो प्यार और आपका अस्तित्व आप की माँ ने दिया है वो कोई नहीं दे सकता !
ठीक उसी तरह दुनियां की कोई भी भाषा चाहे आपकी तरक्की में कितनी ही बड़ी
सहायक क्यूँ न हो पर आपकी और हमारी पहचान सिर्फ हिंदी से है और मनुष्य को
अपना अस्तित्व और और अपनी पहचान कभी नहीं भूलनी चाहिए ! तो आइये हिंदी दिवस
पर एक संकल्प लें की हम अपनी मातृभाषा को उतना ही सम्मान और प्यार देंगे
जितना अपनी माँ को देते हैं !
"हिंदी जन गन की भाषा है
जन मन की यह अभिलाषा है
भारत के बढ़ते चरणों की
यह ज्वलंत परिभाषा है
(भारतेंदु हरिश्चंद्र )!
( आशा है आप जरुर मेरी बातों का मर्म समझेंगे और अपनी मातृभाषा के प्रति सम्मान बनाये रखेंगे ! आपका अवनीश )
"हिंदी जन गन की भाषा है
जन मन की यह अभिलाषा है
भारत के बढ़ते चरणों की
यह ज्वलंत परिभाषा है
(भारतेंदु हरिश्चंद्र )!
( आशा है आप जरुर मेरी बातों का मर्म समझेंगे और अपनी मातृभाषा के प्रति सम्मान बनाये रखेंगे ! आपका अवनीश )
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