Saturday, 8 September 2012

दिन भर न्यूज़ चैनल पर आज बस एक ही बात चलती रही - भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बातचीत सार्थक रही ,सम्बन्ध अच्छे होंगे आदि आदि !मैं ये तो नहीं जानता की सम्बन्ध अच्छे होंगे या नहीं क्यूंकि ये तो भारत में हुक्मरान और पाकिस्तान में लश्कर और हुजी ही तय करते हैं , पर इतना जरुर कहूँगा की दो भाईओं  के बीच जरुर कोई  तीसरा है जो हमारे संबंधों को कभी भी ठीक नहीं होने देना चाहता !शायद आप मेरा इशारा समझ गए होंगे और अब  जरुरत है उसकी गन्दी नज़र और मंसूबों को भी समझने की -
घर में जो आमद का बसर होने लगा
शायद माँ की दुवाओं का असर होने लगा
ये कैसी दोस्ती निभाई हम दोनों ने दोस्त
की रोटी का खर्च अब बंदूकों पर होने लगा !


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