भाई बाज़ार बड़ा ही गरमाया हुआ है - मुद्दा है की 2014 के लोकसभा चुनाव के
बाद या बीच में ही सरकार गिर गई और (मध्यावधि ) चुनाव हुए तो कांग्रेस
की तरफ से या बी.जे .पी की तरफ से प्रधानमंत्री का उम्मीदवार कौन होगा ! एक
हैं जो दलितों के यहाँ खाना खा कर पब्लिसिटी बटोरते हैं (चाची के काबिल
पुत्र और एक मात्र युवा ) और एक है जो राम मंदिर की वकालत करते हैं
(तोगड़िया के बाद एक मात्र जीवित हिन्दू ) ! राजा चाहे कोई भी हो बेचारी
जनता तो घोर दलदल में हमेशा ही है - ! एक युवराज हैं जो महज़ 24 दिन देश की
संसद में अपनी हाजिरी देते हैं पर फिर भी देश की सारी समस्याओं से वाकिफ
हैं तो दूसरे के दामन पे गोधरा का दाग लगा हुआ है ! प्रधानमंत्री पद के
दोनों दावेदार साहब राजा चाहे जो हो एक बात इस नासमझ की भी समझ लीजिये
"राजा का काम ये नहीं है वो दलितों के यहाँ खाना खाए बल्कि उसका काम ये है
की रात को अपने आलिशान बंगले में जब वो खाना खाए तो अपना दिमाग इस बात में
लगाये की मेरे जैसा खाना इस देश के दलितों को कैसे और कब मिलेगा ! राजा
का काम ये भी नहीं है की वो देश में मंदिर बनवाए बल्कि उसका काम ये होना
चाहिए की पूरे देश को मंदिर बनाये ! इस देश का प्रधानमंत्री कोई भी हो
मेरा गुस्सा इस बात से नहीं है बल्कि इस देश में युवा की परिभाषा लोगों
को गलत और गलत तरीके से समझाई जा रही है मन में आक्रोश इस बात पे होता है !
42 साल का एक आदमी जो अपनी कोलंबियन गर्लफ्रेंड के साथ FBI के हांथों
1,60,000 $ कैश के साथ पकड़ा और नज़रबंद किया जाता है उसको पूरे देश को
युवा बताया जा रहा है ! देश की की नहीं बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ
संस्थानों आईआईटी और आई.आई .एम् से पास आउट होने वाले क्या युवाओं के
रोल मॉडल नहीं हो सकते जो देश सेवा के लिए सब कुछ त्याग सके या फिर उनका
जन्म सिर्फ इसलिए हुआ है की गगनचुम्बी इमारतों के ए.सी . कमरे में बैठकर
अंग्रेजी के भारी भारी शब्द बोलें और न्यूयार्क में बैठे किसी काले अँगरेज़
को सिर्फ ये समझाते रहे की महाशय आप अपना बिज़नेस भारत में कैसे बढ़ा
सकते हैं , फैसला आप कीजिये और मुझे बताइयेगा जरुर क्यूंकि उमीदें अभी
भी आपकी बदौलत ही जिंदा हैं फ़िलहाल मुझे " राहत इन्दौरी" जी याद आ गए :
"सरहदों पे बहुत तनाव है क्या
कुछ पता तो करो चुनाव है क्या ?"
( इती श्री शुभ रात्रि - आपके जवाब की प्रतीक्षा में आपका अवनीश !)
"सरहदों पे बहुत तनाव है क्या
कुछ पता तो करो चुनाव है क्या ?"
( इती श्री शुभ रात्रि - आपके जवाब की प्रतीक्षा में आपका अवनीश !)

First of all, accolades to you for such a nice piece of writing.... I fully agree with whatever you have written. I would like to add further that our country which comprises of around 40% youth need to wake up from the deep slumber and actively take part in the country politics(which is considered a dirty game by most of us) because until n unless one faces the real situation one can't find an effective solution.
ReplyDeleteThanks a lot Friend . This is the real reason , that promoted me to write blogs . The youth which have ample time to talk about ipad , BMW , girlfriend and 5G , 4G dont have time to think about the real condition of country .
ReplyDeleteI think i wl be successful in my aim to encourage all the youth not only around me but also all the youth population who are close to all of u guys . Your Feedback and comments are always appreciable.